सहकारी गन्ना विकास समितियॉं

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

हमारे बारे में

प्रदेश के लगभग 42 गन्ना कृषकों को कृषि निवेश सम्बन्धी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकारिता आन्दोलन के अन्तर्गत गन्ना विकास विभाग के अन्तर्गत वर्तमान में 169 सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं 28 सहकारी चीनी मिल समितियां स्थापित एवं कार्यरत है। उन गन्ना समितियों द्वारा मुख्य रूप से केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के गन्ना कृषकों के हितों की रक्षा करते हुए ये गन्ना समितियां गन्ने की उपज में वृद्धि,आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि को प्रोत्साहित/प्रचारित करने एवं पौधशाला प्रदर्शन ,खाद् उर्वरक वितरण, गन्ने के उत्तम बीज, कीटनाशक दवायें, कृषि यंत्र, सिंचाई के साधनों का गन्ना कृष्कों में अनुदान पर वितरण का कार्य सम्पादित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा निर्धारित गन्ना मूल्य की दरों के अनुसार गन्ना कृषकों की उपज को लाभजनक मूल्य पर विक्रय कराने तथा उसका भुगतान कराने का कार्य भी सम्पादित किया जा रहा है। इन समितियों द्वारा एक विधिवत व्यवस्था का पालन कराते हुए क्रमबद्ध तरीके से गन्ना कृषकों की उपज को चीनी मिलों को आपूर्ति कराने हेतु एक माध्यम के रूप में कार्य किया जा रहा है। उक्तानुसार अंकित व्यापक क्रियाओं के अतिरिक्त सामाजिक उत्थान हेतु गन्ना समितियों द्वारा गन्ना कृषकों की शैक्षिक,क्षेत्र विकास, सामाजिक एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी क्षेत्रों में उन्नति हेतु गन्ना समिति क्षेत्र में अस्पताल, विद्यालय, महाविद्यालय, लिंक रोड/सड़क/पुलिया निर्माण इत्यादि विकास कार्यो को भी सम्पादित किया जा रहा है।