गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार

गन्ने के कीट एवं उपचार

क्रमांक नाशिकीट उपचार विधियॉं
1 दीमक (टरमाइट) बुवाई के समय पेड़ों के ऊपर अथवा फसल की कटाई के बाद अथवा खड़ी फसल में प्रकोप होने पर गन्ने के समीप नाली बनाकर किसी एक कीटनाशक का प्रयोग कर ढ़क देना चाहिए।
  • फेनवलरेट 0.4 प्रतिशत धूल (टाटाफेन 0.4 प्रतिशत धूल) 25.0 किग्रा0 प्रति हेक्टे0
  • प्रभावित पौधों को खेतो से बाहर निकालकर जला देना।
  • लिण्डेन 1.3 प्रतिशत धूल 25 किग्रा प्रति हेक्टे0
2 दीमक एवं अंकुर बेधक बुवाई के समय नालियों में पैड़ो के ऊपर अथवा फसल की कटाई के बाद अथवा खड़ी फसल में प्रकोप होने पर गन्ने के समीप नाली बनाकर किसी एक कीट-नाशक का प्रयोग कर ढत्रक देना चाहिए।
  • क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत घोल 5.0 ली0 प्रति हेक्टे0 1875 ली0 पानी में घोल बनाकर हजारे द्वारा प्रयोग करना।
  • लिण्डेन (गामा बीएचसी) 20 प्रतिशत घोल 6.25 ली0 प्रति हेक्ट0 1875 ली0पानी में घोल बनाकर हजारे द्वारा प्रयोग करना।
  • 10: रवा 25 ग्रा0/हे0
  • 6: रवा 20 ग्रा0/हे0
  • कार्बेराइल-गामा बीएचसी 4:4 रवा(सेवीडाल रवा) 25 किग्रा प्रति हेक्टे0।
  • रीजेण्ट 0.3 प्रतिशत रवा (फिप्रोनिल)200 किग्रा/हे0
3 अंकुर बेधक ;श्शूट बोरर ग्रीष्मकाल में फसल पर 15 दिन के अन्तर पर तीन बार मेटासिड 50 प्रतिशत घोल 1.0 ली0 को 625 ली0 पानी में घोलकर प्रति हेक्टे0 की दर छिड़काव।
  • आंकुर बेधक से ग्रसित पौधों को सूड़ी सहित काटकर निकालना।
  • जमाव के पश्चात गन्ने की दो पंक्तियों के मध्य 100 कु0 प्रति हेक्टे0 की दर से सूखी पताई बिछाना।
4 चोटीबेधक( टॉपबोरर) बुवाई के समय (शरद एवं बसंत) नालियों में 30 किग्रा कार्बोफयूरान 3 जी0 का प्रयोग प्रथम व द्वितीय पीढ़ी के नियंत्रण हेतु करना।
  • मार्च एवं मई दोनों के प्रथम पखवारों में चोटीबेधक के प्रथम एवं द्वितीय पीढ़ी के अण्ड समूहों को एकत्रित करके नष्ट करना।
  • अप्रैल एवं मई में चोटीबेधक के प्रथम एवं द्वितीय पीढ़ी से ग्रसित पौधों को सूड़ी/प्यूपा सहित काटकर नष्ट करना।
  • जून के अंतिम या जुलाई के प्रथम सप्ताह में तृतीय पीढ़ी के विरूद्ध अधिकतम अण्डरोपण की अवधि में 30 किग्रा0 कार्बोफयूरान
  • जी0 प्रति हेक्टे0 पौधों के समीप नमी की दशा में डालना।
5 गुरदासपुर बोरर  जुलाई अगस्त में ग्रसित अगोलों को सूड़ी सहित काटकर निकालना एवं नष्ट करना।