गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार

गन्ने के रोग एवं उपचार

क्रमांक रोग उपचार विधियॉं
1 लाल सड़न रोग (रेड रॉट)
  • गन्ने की बुवाई के पहले बीज (सेट्स) का किसी पारायुक्त कवकनाशी जैसे एगलाल या एरिटान के 0.25 प्रतिशत घोल उपचार करना।
  • प्रभावित पौधों को खेतो से बाहर निकालकर जला देना।
  • प्रभावित फसल की पेड़ी न लेना।
2 कण्डुआ (स्मट)
  • इस रोग के लिए कोई रासायनिक उपचार नही है इससे बचाव के लिए कण्डुआ रहित बीज बुआई के लिए प्रयोग करना चाहिए।
  • कण्डुआरोधी प्रजातियों का चयन।
  • प्रभावित फसल की पेड़ी न लेना।
3 बिज्ट
  • बुवाई से पहले 0.25 प्रतिशत एगलाल या एरिटान के घोल से बीज उपचार।
  • प्रभावित फसल की पत्तियों एवं जड़ों को जलाकर नष्ट करना।
  • प्रभावित फसल की पेड़ी न लेना।
4 ग्रासीसूट : एल्बिनो
  • अवरोधी प्रजातियों का चयन।
  • गर्म जलवायु शोधन 54 डिग्री सेग्रे0 पर 8 घंटे तक।
  • प्रभावित फसल की पेड़ी न लेना।
5 रैट्न स्टन्टिंग 
  • स्वस्थ्य बीज का उपयोग।
  • गर्म जलवायु शोधन 54 डिग्री सेग्रे0 ताप तथा 99 प्रतिशत आद्‍र्रता पर 2-3 घंटे तक।
  • प्रभावित फसल की पेड़ी न लेना।