गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार

सवाल जवाब

प्रश्न 11:- गन्ना विभाग में गन्ना उपज बढ़ोत्तरी हेतु आवेदन कब करें ?

उत्तर 11:- गन्ना समिति के वैधानिक सदस्य उपज बढ़ोत्तरी हेतु प्रत्येक वर्ष 15 ​सितम्बर तक संबंधित गन्ना समिति में सट्टा नीति के अन्तर्गत निर्धारित फीस जमा करते हुये आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न 12:-बेसिक कोटा कटने की ​स्थिति में क्या करें ?

उत्तर 12:- गन्ना समिति का कोई भी वैधानिक सदस्य जिसका बेसिक कोटा कट रहा हो, तो उसे निर्धारित फीस के साथ प्रतिवर्ष 15 ​सितम्बर तक संबंधित गन्ना समिति में उपज बढ़ोत्तरी हेतु आवेदन करना चाहिये। यदि जांच में कृषक की उपज जनपद की औसत उपज से अच्छी पायी जाती है तो उसका बेसिक कोटा बच सकता है।

प्रश्न 13:- बेसिक कोटा क्या है ?

उत्तर 13:- गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा इस वर्ष जारी सट्टा नीति के अनुसार विगत दो वर्षों की गन्ना आपूर्ति के औसत को बेसिक कोटा कहते हैं।

प्रश्न 14:- गन्ना सट्टा क्या है ?

उत्तर 14:- गन्ना आपूर्ति नीति के अनुसार गन्ना समिति के किसी भी वैधानिक गन्ना आपूर्ति कर्ता का उसके गन्ना उत्पादन की 85 प्रतिशत सीमा तक आपूर्ति हेतु अनुबंधित गन्ने की मात्रा को गन्ना सट्टा कहते हैं।

प्रश्न15:- यदि गन्ने का सट्टा कम है और कृषक के गन्ने की उपज ज्यादा है तो कृषक अधिक उपज की आपूर्ति कैसे करायें ?

उत्तर 15:- संबंधित चीनी मिल की गन्ना आवश्यकता के अनुसार कुल गन्ना सट्टा कम होने की ​स्थिति में गन्ना समिति का कोई वैधानिक सदस्य कुल गन्ना उत्पादन की 85 प्रतिशत सीमा तक नियमानुसार आवेदन कर समानुपातिक रूप से सामान्य बढ़ोत्तरी/अतिरिक्त सट्टा करा सकते हैं।

प्रश्न 16:- यदि गन्ना कृषक सेना में है तो उन्हें गन्ना आपूर्ति में क्या वरीयता प्राप्त है ?

उत्तर 16:- यदि गन्ना समिति का कोई वैधानिक सदस्य सेना में है/रहा है तो उसे गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत की प्राथमिकता दी जाती है जो माह जनवरी से उपलब्ध होती है।

प्रश्न 17:- कृषक सहकारी गन्ना समितियों से कृषि निवेश (यथा उर्वरक, कीटनाशक आदि) कैसे प्राप्त करें ?

उत्तर 17:- गन्ना समिति का कोई भी वैधानिक गन्ना आपूर्तिकर्ता सदस्य संबंधित गन्ना समिति में सम्पर्क कर कृषक की स्वीकृति ऋण सीमा के अंतर्गत नियमानुसार कृषि निवेश प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 18:- क्या गन्ना समितियां गन्ना किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती हैं ?

उत्तर 18:- गन्ना समितियां नाबार्ड योजना अन्तर्गत समिति के वैधानिक गन्ना आपूर्ति कर्ता सदस्यों को सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर पर कृषक की स्वीकृति ऋण सीमा के अंतर्गत नियमानुसार कृषि निवेश के रूप में ऋण उपलब्ध कराती हैं।