गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

उत्तर प्रदेश सरकार

नागरिक अधिकार

गन्ना विकास विभाग का अभ्युदय

इस नागरिक अधिकार पत्र का मूल उद्देश्य गन्ना विकास विभाग की कार्य प्रणाली को स्वच्छ, संवेदनशील एवं पारदर्शी बनाते हुए विभाग में कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों में गन्ना कृषकों की समस्याओं एवं विभागीय कार्यों को समयान्तर्गत निस्तारण के प्रति उत्तरदायी बनाना है।

प्रदेश में गन्ना मुख्य नगदी फसल है, जिससे लगभग 40 लाख कृषक जुड़े हुये हैं, जिनके द्वारा प्रदेश में स्थापित चीनी मिलों एवं खाण्डसारी इकाईयों को गन्ने की आपूर्ति की जाती है। कृषकों द्वारा उत्पादित गन्ने को चीनी मिलों में समयबद्ध आपूर्ति कराते हुये चीनी मिलों से गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराया जाता है। उक्त कार्य के लिये प्रत्येक चीनी मिल स्तर पर सहकारी गन्ना समितियां स्थापित हैं।

चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने के विकास, गन्ना सर्वेक्षण, गन्ना आपूर्ति हेतु पर्ची, कैलेण्डर तथा अन्य विकास कार्यों का सम्पादन सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं गन्ना विकास परिषदों द्वारा किया जाता है। गन्ना सूचना प्रणाली के माध्यम से गन्ना कृषकों को निःशुल्क सूचनायें उपलब्ध करायी जाती हैं। गन्ना विकास परिषद स्तर पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं समिति स्तर पर सचिव, सहकारी गन्ना विकास समितियों का कार्यकारी प्राधिकारी होता है। जनपद स्तर पर जिला गन्ना अधिकारी, मण्डल स्तर पर संयुक्त/उप गन्ना आयुक्त तथा राज्य स्तर पर गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश उक्त संस्थाओं के नियंत्रक प्राधिकारी होते हैं।

चीनी मिलों द्वारा गन्ना आपूर्ति तथा गन्ना मूल्य भुगतान में संभावित अनियमितताओं की रोकथाम के लिये गन्ना निरीक्षक एवं सहायक चीनी आयुक्त नियुक्त हैं। उक्त के अतिरिक्त खाण्डसारी इकाईयों पर नियंत्रण हेतु खाण्डसारी अधिकारी एवं खाण्डसारी निरीक्षक नियुक्त हैं।


1. विभाग का मुख्य उद्देश्य एवं कार्य :

  • चीनी मिल क्षेत्रवार गन्ना सर्वेक्षण कार्य।
  • गन्ने की पेड़ी एवं पौधा हेतु क्राप कटिंग कराकर प्रति हेक्टेयर गन्ना उपज का आंकलन कराना।
  • चीनी मिल क्षेत्रों में नवीनतम गन्ना प्रजातियों की पौधशालायें स्थापित कर गन्ना कृषकों को बीज गन्ना उपलब्ध कराना।
  • गन्ने की फसल पर रोग एवं कीटों के नियंत्रण हेतु कृषकों को समुचित जानकारी देना तथा कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना।
  • प्रति इकाई क्षेत्र में अधिक से अधिक गन्ना उपज प्राप्त करने की दृष्टि से गन्ना फसल प्रतियोगितायें आयोजित कराना तथा चीनी मिल क्षेत्रों में अधिकतम गन्ना उपज का आंकलन कराना।
  • विभिन्न गन्ना विकास कार्यक्रमों के अन्तर्गत प्रति इकाई भूमि, जल एवं उर्वरक का उपयोग कर अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन प्राप्त करना।
  • गन्ना सूचना प्रणाली (SIS) के माध्यम से गन्ना कृषकों को अद्यावधिक सूचनायें उपलब्ध कराना।
  • गन्ना कृषकों व चीनी मिलों की आवश्यकतानुसार उन्नतिशील गन्ना प्रजातियों का विकास करना तथा गन्ना खेती के विविध तकनीक को विकसित करना।
  • चीनी मिलों को उनकी आवश्यकतानुसार गन्ने की उपलब्धता हेतु पर्याप्त गन्ना क्षेत्र व गन्ने का आबंटन करना।
  • गन्ना किसानों को उनके द्वारा समितियों के माध्यम से आपूर्ति किये गये गन्ने के मूल्य का भुगतान कराया जाना।
  • चीनी मिल गेट से 15 कि0मी0 क्षेत्र के बाहर खाण्डसारी इकाइयों की स्थापना हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों पर विहित प्रक्रिया का अनुसरण कर लाइसेन्स निर्गत करना तथा क्रयकर वसूलना।
  • गन्ना कृषकों, चीनी मिलों व गन्ना विकास विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों को प्रशिक्षण देना।
  • गन्ना किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार कृषि निवेश, ऋण तथा अनुदान उपलब्ध कराना।
  • राज्य/केन्द्र सरकार द्वारा अनुदानित विकास कार्यक्रमों का संचालन करना।
  • गन्ने की ढुलाई हेतु सम्पर्क मार्गो का निर्माण कराना।