निर्माण संगठन

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

निर्माण प्रक्रिया

सम्पर्क मार्गों का चयन

रत्येक चीनी मिल क्षेत्र/ गन्ना विकास परिषद के अन्तर्गत गत तीन वर्ष की गन्ना आपूर्ति के आधार पर ग्रामों की एक सूची घटते क्रम में प्रत्येक वर्ष मंत्री, गन्ना विकास परिषद द्वारा तैयार की जायेगी। सड़कों के चयन के समय ग्रामों की उपलब्ध सूची के अनुसार सर्वाधिक आपूर्ति वाले ग्रामों को चक्रानुक्रम में रखते हुये निम्न बिन्दुओं के आधार पर प्राथमिकता दी जायेगी :-

  • यदि ग्राम सम्पर्क मार्ग विहीन अथवा असंतृप्त है तो उसे एकल सम्पर्क मार्ग से जोड़ा जायेगा।
  • उपरोक्त आधार पर ही एक ग्राम से दूसरे ग्राम (थ्रू-रूट्स) होते हुये मुख्य मार्ग से जोड़ा जायेगा तथा ग्रामों के अन्दर बिलट अप क्षेत्रों में निर्धारित ज्यामितीय पूर्ण होने पर सी0सी0 रोड का निर्माण भी किया जा सकेगा।
  • जिन ग्रामों के अन्दर से होते हुये गन्ना यातायात सम्भव न हो, वहॉ वैकल्पिक/बाईपास मार्ग निर्मित किया जायेगा।
  • ग्रामों को संबंधित गन्ना क्रय केन्द्रों एवं गन्ना क्रय केन्द्रों को चीनी मिल से जोड़ने का कार्य किया जायेगा।
  • चयनित सम्पर्क मार्ग का एक सिरा किसी पक्के सम्पर्क मार्ग से जुड़ना चाहियें।

प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र/ गन्ना विकास परिषद क्षेत्र अन्तर्गत चीनी मिलों द्वारा स्थापित किये जाने वाले क्रय केन्द्रों की विगत तीन वर्षों की गन्ना आपूर्ति के आधार पर एक सूची घटते क्रम में प्रत्येक वर्ष मंत्री, गन्ना विकास परिषद द्वारा तैयार की जायेगी। सर्वाधिक आपूर्ति वाले गन्ना क्रय केन्द्रों को चक्रानुक्रम में रखते हुये चीनी मिलों से जोड़ने वाले मुख्य मार्गों से जोड़ा जायेगा।

सड़क निर्माण में चीनी मिल गेट एरिया को विकसित करने हेतु 1 में वर्णित ग्रामों की सूची से सर्वाधिक आपूर्ति वाले ग्रामों को क्रमवार सीधे चीनी मिल गेट से जोड़ा जायेगा। नई चीनी मिल क्षेत्रों में चीनी मिल के प्रस्तावानुसार गन्ना बाहुल्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक सम्पर्क मार्गों का निर्माण कराया जायेगा। गन्ना कृषकों द्वारा अपने गन्ना मूल्य से सड़क विशेष के निर्माण हेतु कराई गयी स्वैच्छिक कटौती के धन से संबंधित सड़क का निर्माण कराया जायेगा। चीनी मिलों द्वारा दिये गये विशेष अंशदान से उनके द्वारा प्रस्तावित सड़कों का प्राथमिकता के आधार पर चयन हेतु निर्णय होगा।

अनुरक्षण कार्यों के चयन में भी 1 एवं 3 में वर्णित सूची के अनुसार सर्वाधिक आपूर्ति वाले ग्रामों को, प्रस्तावित सम्पर्क की वर्तमान दशा के आधार पर प्राथमिकता दी जायेगी। उ0प्र0शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्राथमिकताओं का समावेश भी चयन में किया जायेगा।

चयन प्रक्रिया

उपरोक्तानुसार निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुरूप चीनी मिलें तथा सहकारी गन्ना विकास समितियॉ एवं गन्ना विकास परिषदें प्रस्ताव तैयार कर संबंधित मन्त्री/ सचिव, गन्ना विकास परिषद को उपलब्ध करायेंगी। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर धन उपलब्धता तथा मार्ग नीति के मापदण्डों के अनुरूप, गुण-दोष के आधार पर विचार करते हुये, चयन किया जायेगा।

जिला सेक्टर के अन्तर्गत लिये जाने वाले सम्पर्क मार्गों पर क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों की सहमति मंत्री, गन्ना विकास परिषद द्वारा प्राप्त की जायेगी। गन्ना विकास परिषद स्तर पर धन उपलब्धता के आधार पर संबंधित जिला गन्ना अधिकारी द्वारा अन्तिम चयन कर जिलाधिकारी/ जिला नियोजन समिति से अनुमोदन प्राप्त कर किया जायेंगा।

उ०प्र०शासन/ भारत सरकार द्वारा संचालित विशिष्ट योजनाओं के अन्तर्गत, चयन प्रक्रिया तदनुरूप दिशा निर्देशों के अन्तर्गत की जायेंगी।

आगणन का गठन

उक्तानुसार चयन की प्रक्रिया के उपरान्त मार्ग एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर स्थिति के अनुसार कार्यों का स्टीमेट लोक निर्माण विभाग के शिडियूल दरों के आधार पर तैयार किया जाता है, जिसकी स्वीकृति सक्षम स्तर से अनुमोदित/स्वीकृति कराकर ग्रामीण सम्पर्क मार्गों का निर्माण आई०आर०सी० विशिष्टियों एवं उ०प्र० लोक निर्माण विभाग की विशिष्टियों के अनुरूप किया जाता है तथा ग्रामों में आवश्यकतानुसार सीमेन्ट कांक्रीट रोड तथा नाली का भी निर्माण कराया जाता है। इस कार्यालय के पत्रांक ५०९/सी दिनांक ०३.०८.२०१० द्वारा आगणन गठन के संबंध में निम्न-निर्देश प्रसारित किये गये है

आगणन गठन के पूर्व कार्यस्थल का विस्तार में निरीक्षण किया जाना आवश्यक होगा। मार्गों की लम्बाई मौकें पर ही नाप कर निर्धारित की जानी चाहिये। असाध्य अथवा विकल्पहीन परिस्थितियों के अतिरिक्त लम्बाई में संशोधन ग्राहय न होगा। आगणनों में मार्ग का रेखाचित्र, चैनेज के साथ, निकटतम ग्राम दर्शाते हुये अवश्य लगाया जाय जिस पर अवर अभियन्ता, मंत्री गन्ना विकास परिषद तथा सहायक अभियन्ता द्वारा दिनांक सहित हस्ताक्षर किया जाय जिसे अधिशासी अभियन्ता द्वारा भी प्रतिहस्ताक्षरित किया जाय।

आगणन में जनपद के संबंधित विकास खण्ड के पठनीय मानचित्र में लाल रंग के मार्ग/ कार्य चिन्हित कर (इन्डेक्स मैप) संलग्न किया जाय। विस्तृत माप के विवरण एवं बिल आफ क्वांटिटी में मद की पूरी भाषा अंकित की जाय।